डोईवाला विधानसभा में मार्ग के लिये तरसते क्षेत्रवासी, मुख्यमंत्री कि घोषणा के 2 साल बाद भी नहीं बना 1200मी. मुख्य मार्ग
उत्तराखंड समाचार 356/धनवीर कुंमाई
डोईवाला/देहरादून -सत्ये सिंह बिष्ट द्वारा बताया गया कि वह डोईवाला बनिया वाला में कालुसिद्ध के समीप वन आरक्षित क्षेत्र में रहते हैं जहां एक ओर जंगल हैं तो दुसरी ओर आबादी क्षेत्र इन दोनों क्षेत्रों के बीचोंबीच एक मात्र 1200 मी पक्के मार्ग कि मांग को लेकर क्षेत्रवासीयों का धैर्य अब समाप्त होने लगा हैं। उनकी आस्था भारतीय जनता पार्टी पर थीं जिस कारण वह महानुभावों के घरों कार्यालयों में चक्कर काटते हुए थक चूकें हैं।
बिष्ट बताते हैं कि वह जनपद टिहरी गढ़वाल की विकासखंड घनसाली के ग्राम सभा खोला कैमर के मूल निवासी हैं और उनके गांव में अब रोड़ पहुंचीं हैं जब वह 8 साल पहले देहरादून डोईवाला बनियावाला में कालु सिद्ध के पास अपना मकान बना चुका हैं।
आज कि वस्तुस्थिति हैं कि बरसात आनें पर बरसाती पानी इस स्थान को आनें वाले रास्ते पर भयावह रूप से बहनें लगता है। क्षेत्र के उन जैसे सम्पन्न लोग तो वाहनों से स्कूली छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों को लगभग 4 कि०मी० घुमकर ले जाते हैं। परन्तु निर्बल वर्ग के बच्चे एक कोने पर बैठकर बरसाती पानी के बहाव के कम होने के इन्तजार में स्कूल और अपनें रोज़मर्रा के कामकाज से वंचित हो जातें हैं।
इस समस्या से निजात पानें हेतू स्थानीय लोग 1200 मी पक्की रोड कि मांग कर रहे हैं आज भी छोटे बड़े वाहन इसी कच्चे रास्ते से आ रहें हैं। लोक निर्माण विभाग,वन विभाग द्वारा रोड़ का सर्वे भी किया गया परन्तु उन्हें अंदेशा है कि भू-माफियाओं कि मिली भगत से पेड़ों कि संख्या ज्यादा दर्शायी गई हैं। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण भी इस स्थान पर अपनें मानकों के अनूरूप कार्यवाही कि बात कहतीं हैं जबकि यहां मार्ग हि नहीं है। नगर पालिका के अधिन यह क्षेत्र आता है परंतु मूलभूल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
रोड़ और मूल भूत सुविधाओं के अभाव में वह गांव से शहर में आयें लेकिन इस क्षेत्र कालु सिद्ध बाबा और सेन चौकी वन विभाग डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सेन चौकी वन विभाग से भंडारी चौक कालू वाला मात्र 1200 मी की दूरी के सड़क निर्माण हेतु स्थानीय लोगों ( लगभग 60 से 70 परिवार लगभग 25 अनुसूचित जाति के परिवार) ने निवेदन किया गया था। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री वर्तमान सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा भी आश्वासन दिया गया था। वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस सड़क निर्माण को लेकर कालु सिद्ध वाला में आज से लगभग 2 साल पहले की गई घोषणा के पूर्व आज तक सड़क निर्माण नहीं हो पाया है। क्षेत्रीय विधायक बृजभूषण गैरोला डोईवाला विधानसभा के द्वारा भी कई बार सड़क निर्माण हेतु झूठा और कोरा आश्वासन दिया। नरेंद्र नेगी (नंदू) द्वारा भी इस 1200 मीटर सड़क निर्माण हेतु आश्वासन दिया गया। बार-बार महानुभावों से अनुरोध करने पर भी जनहित में अतिआवश्यक मार्ग निर्माण का कार्य नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों द्वारा इस बारे में पूछता है तो कभी वन विभाग को फाइल कभी शासन में फाइल लम्बित होने कि बात कही जाती है।
सत्ये सिंह बिष्ट आगे बताते हैं कि शर्म की बात है देश के प्रधानमंत्री ने कहा था कि डबल इंजन की सरकार बनाए विकास की बायर बह जाएगी लेकिन हम दुर्भाग्यशाली हैं हमने अपना गांव छोड़ यहां पर अपने जीवन में जो कमाया उस को यहां लगाया और मकान बनाया और शर्म आ रही है हमको अपने ऊपर और भाजपा सरकार के ऊपर जिसने हमेशा डबल इंजन की सरकार का जनता को झांसा दिया गया।
उन्होंने कहा कि अगर शासन प्रशासन जनहित और अतिआवश्यक 1200 मी कि सड़क नहीं बनातीं हैं तो हम चुनाव बहिष्कार और 2027 का क्षेत्रीय जनता बेसब्री से इंतजार कर रही है। जब हम चुनाव बहिष्कार कर भारतीय जनता पार्टी और धामी सरकार के विकास का जनता दर्शन कराने का काम किया जायेगा। बैठक कर क्षेत्रीय लोगों का इस मुद्दे पर एक मत है भले ही भाजपा हिंदुस्तान का कोना-कोना जीत जायें।
नरेंद्र सिंह नेगी पालिका अध्यक्ष डोईवाला द्वारा बताया गया कि इस क्षेत्र कि जनता लंबे समयांतराल से मार्ग ना होने कि समस्या से जूझ रही हैं। हमने विधायक निधि और पालिका के माध्यम से इस मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइलें लगानी चाहि थीं परन्तु वन आरक्षित क्षेत्र होने के कारण हमारा कार्य सफल नहीं हो पाया। पालिका अध्यक्ष द्वारा कहा गया कि वह स्वयं और विधायक स्थानीय लोगों कि पीड़ा को जानते हैं और इस कार्य को करवानें हेतु प्रयासरत हैं।
बृजभूषण गैरोला विधायक डोईवाला देहरादून द्वारा बताया गया कि इस क्षेत्र में मार्ग की मांग लंबे समय से की जा रही है। स्थानीय लोगों को लंबे समय से इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। बरसात के समय समस्या अधिक विकट हो जाती हैं। वन आरक्षित क्षेत्र होने के कारण समस्याएं सामने आ रही है। उन्होंने समस्या के निराकरण और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा को पूर्ण करने हेतु शासन प्रशासन और स्वयं मुख्यमंत्री से इस विषय में चर्चाएं की, चर्चाएं सकारात्मक है और प्राथमिकता के आधार पर हम इस समस्या के निस्तारण हेतु कार्यरत हैं।

