मसूरी भाजपा मंडल अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को दो ज्ञापन सौंपे, OTS योजना और रोपवे प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास की मांग
मसूरी / देहरादून, 2 सितंबर 2026
भारतीय जनता पार्टी मसूरी मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और मुख्यमंत्री के पी.ए के माध्यम से दो अलग-अलग ज्ञापन प्रेषित कर जनहित से जुड़े दो गंभीर मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की है।

1. देहरादून-मसूरी रोपवे से प्रभावित दुकानदारों का मामला
पहले ज्ञापन में रोपवे परियोजना से प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास का मुद्दा उठाया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रशासन द्वारा देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना के अंतर्गत किताब घर बस स्टैंड स्थित दुकानदारों को तीन साल पूर्व जबरन हटा दिया गया था।

शासन, प्रशासन और नगर पालिका के अनेक आश्वासनों के बावजूद आज तक इन दुकानदारों को किसी भी दुकान या जगह का आवंटन नहीं किया गया है। सभी दुकानदार पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से नगर पालिका के किरायेदार रहे हैं और इन दुकानों से ही उनके परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि बिना किसी पूर्व योजना या उचित पुनर्वास के दुकानें हटाने से इन छोटे व्यापारियों के परिवारों के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है, क्योंकि इनके पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं है।
इस संबंध में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तुरंत हस्तक्षेप करने और दुकानदारों को हटाने से पहले वैकल्पिक स्थान पर उचित पुनर्वास की व्यवस्था की मांग की गई है।
प्रभावित दुकानदारों में सुरेन्द्र सिंह कैन्तुरा,अर्जुन सिंह मेहर,विक्रम सिंह पंवार और कमल सिंह जायडा का नाम शामिल है।
2. भवन मानचित्रों के नियमितीकरण के लिए OTS योजना की मांग
दूसरे ज्ञापन में मसूरी में भवन मानचित्रों के नियमितीकरण के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (One Time Settlement – OTS) योजना लागू करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में उल्लेख है कि मसूरी के कई नागरिकों ने अपने छोटे भूखंडों पर आवासीय भवनों का निर्माण किया है, जिनके मानचित्र किन्हीं कारणों या विभागीय जटिलताओं के कारण समय पर स्वीकृत नहीं हो सके या स्वीकृत होने के बाद मामूली विचलन (deviation) रह गए हैं।
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आम जनता को अपने आशियाने के मानचित्र पास कराने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही परिवार बड़े होने के कारण एक-दो अतिरिक्त कमरे और टॉयलेट का निर्माण आवश्यक हो गया है, बरसात के पानी के बचाव के लिए लोहे की छत भी नागरिकों द्वारा अतिरिक्त डाली जाती है।

वर्तमान में मसूरी में शमन शुल्क या पेनल्टी की कोई योजना ना होने के कारण आम नागरिक और मध्यम वर्गीय परिवार इसे जमा करने में असमर्थ हैं और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) द्वारा परेशान किये जा रहे हैं।
अतः जनहित को ध्यान में रखते हुए पूर्व निर्माणों और लंबित मानचित्रों के निस्तारण / शमन के लिए विशेष OTS योजना लागू की जाए और शमन शुल्क व पेनल्टी दरों में भारी छूट दी जाए, जिससे लोग अपने भवनों का वैध मानचित्र स्वीकृत करा सकें और सरकार को भी राजस्व मिल सके।

