मसूरी में गांधी-शास्त्री जयंती पर श्रद्धा और देशभक्ति का संगम
उत्तराखंड समाचार 365/धनवीर कुंमाई
मसूरी- महात्मा योगेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मसूरी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा, उत्साह एवं राष्ट्रभावना के साथ मनाई गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य, आचार्यगण एवं अतिथियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों ने गीत, भाषण एवं अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, कर्तव्यनिष्ठा एवं ‘जय जवान, जय किसान’ के राष्ट्रसेवा के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जीवन आज भी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। गांधीजी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश को नई दिशा दी, वहीं शास्त्रीजी ने सादगी, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।

विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों से दोनों महापुरुषों के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति के भाव और देश की एकता एवं अखंडता के संकल्प के साथ हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के सम्मानित अध्यक्ष श्रीमान शैलेन्द्र कर्णवाल ने की। इस अवसर पर विद्यालय के सम्मानित प्रबंधक महोदय श्रीमान मदन मोहन शर्मा, श्रीमती माधुरी एवं चंद्र प्रकाश गौदियाल विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के भैया-बहनों द्वारा गांधी-शास्त्री जयंती के अवसर पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने अपने कार्यक्रमों के माध्यम से महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जी के विचारों को प्रस्तुत किया।
इस दौरान सम्मानित अध्यक्ष श्रीमान शैलेन्द्र कर्णवाल जी तथा प्रबंधक महोदय श्रीमान मदन मोहन शर्मा का मार्गदर्शन सभी भैया-बहनों को प्राप्त हुआ। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से सत्य, अहिंसा और सादगी के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विद्यालय के सह-प्राचार्य रमेश चंद्र डिमरी सहित समस्त आचार्य बंधु एवं भगिनी उपस्थित रहे।

