छावनी परिषद का नाम बदलने का विरोध, होटल एसोसिएशन द्वारा ज्ञापन देकर किया विरोध
उत्तराखंड समाचार 365/धनवीर कुंमाई
मसूरी –छावनी परिषद मसूरी का नाम बदलकर रामगिर रखने के प्रस्ताव का शहर के सामाजिक और राजनीतिक दलों के साथ ही आम लोगों ने भी विरोध करना शुरू कर दिया है।आज आपत्ति की अंतिम तिथि में होटल एसोसिएशन मसूरी,मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के साथ छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष ने इस पर अपनी कड़ी आपत्ति व्यक्त की है लोगों का कहना है की छावनी परिषद लंढोर की अपनी अलग पहचान है और यहां पर चार दुकान,लाल टिब्बा के साथ ही महत्वपूर्ण संस्थान मौजूद है। ऐसे में यदि इसका नाम बदला जाता है तो लोगों को अपने सभी दस्तावेजों पर परिवर्तन कराना होगा और जनता के ऊपर आर्थिक भार पड़ेगा यहां पर देश-विदेश के पर्यटक घूमने आते हैं और यह क्षेत्र अपनी एक विशेष पहचान रखता है।
संजय अग्रवाल अध्यक्ष होटल एसोसिएशन मसूरी द्वारा बताया गया कि छावनी क्षेत्र लंढौर का इतिहास 300 वर्षों से अधिक पुराना हैं। यह केवल एक नाम न होकर उसकी पहचान,संस्कृति और विरासत का प्रतीक है। संजय अग्रवाल बताते हैं कि उनके द्वारा अंकिता सिंह सीओ छावनी परिषद लंढौर को पत्र लिखकर नाम परिवर्तन के प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर इस प्रस्ताव को खारिज करने की मांग की है।

मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि उनकी संस्था द्वारा भी इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज की गई है और इस संबंध में विज्ञापन छावनी परिषद में दिया गया है उन्होंने कहा कि नाम बदलने से इसका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा
पूर्व छावनी परिषद उपाध्यक्ष महेश चंद्र ने बताया कि छावनी परिषद अंग्रेजों का दिया गया नाम है इसी के आधार पर इसे बदलने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन यहां पर आज भी लोगों को जमीन का अधिकार नहीं है और छावनी परिषद गुलामी का प्रतीक है यदि बदलना ही है तो छावनी परिषद को ही बदल डालिए

व्यापार संघ मसूरी द्वारा सीओ कार्यालय छावनी परिषद मसूरी को ज्ञापन देने वालों में रजत अग्रवाल अध्यक्ष व्यापार संघ, जगजीत कुकरेजा महामंत्री व्यापार संघ,अतुल अग्रवाल,मनोज अग्रवाल,सुनील पंवार, राजेश कुमार,परमजीत सिंह के साथ बड़ी संख्या में मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित रहे।

