मसूरी इंटरनेशनल स्कूल में उत्तराखंड के पहले अंतरराष्ट्रीय सतत विकास लक्ष्य सम्मेलन का भव्य समापन
उत्तराखंड समाचार 365/धनवीर कुंमाई
**दो दिवसीय MIS इंटरनेशनल SDG कॉन्क्लेव में छात्रों ने वैश्विक मुद्दों पर किया मंथन,शिक्षा के क्षेत्र में रचा इतिहास**
मसूरी- 16 अक्टूबर 2026। मसूरी इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित दो दिवसीय एमआईएस अंतरराष्ट्रीय सतत विकास लक्ष्य सम्मेलन 2026 का समापन समारोह गुरुवार को उत्साह और उपलब्धियों के साथ संपन्न हुआ।

उत्तराखंड में पहली बार सतत विकास लक्ष्यों (SDG) पर आधारित इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कर विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल की है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक चुनौतियों के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें बेहतर व टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।

समारोह का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन एवं गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण के साथ हुआ। दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में विद्यार्थियों ने विभिन्न समितियों के माध्यम से वैश्विक मुद्दों और सतत विकास लक्ष्यों पर गहन विचार-विमर्श किया। इस दौरान छात्रों ने तार्किक चिंतन, नेतृत्व, संवाद, कूटनीति और सहयोग जैसे महत्वपूर्ण कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

समापन समारोह में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, छात्र आयोजन समिति तथा छात्र कार्यकारी परिषद के योगदान को सम्मानित किया गया। मेजबान विद्यालय की ट्रॉफी ने पूरे विद्यालय परिवार के लिए गौरव का क्षण प्रस्तुत किया।
सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र महिला स्थिति आयोग (UNCSW), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), लोकसभा, भारतीय संसद (IP) तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की समितियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि, उच्च प्रशंसा एवं विशेष उल्लेख पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त मूट कोर्ट, कैपिटल क्लैश और वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।

सम्मेलन की आधिकारिक वीडियो प्रस्तुति ने दो दिनों के यादगार क्षणों को पुनः जीवंत किया, जबकि फसोई नृत्य प्रस्तुति ने समारोह में सांस्कृतिक उल्लास भर दिया। धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
आयोजकों ने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक शैक्षिक आयोजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और सकारात्मक परिवर्तन की भावना जगाने वाली प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ है।

