रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं का विस्थापन बना आजीविका संकट,मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
उत्तराखंड समाचार 365/धनवीर कुंमाई
मसूरी- विश्व विख्यात पर्यटन नगरी मसूरी में हाल हि के दिनों में नगर पालिका प्रशासन द्वारा माल रोड से रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को हटाकर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किए जाने के निर्णय से सैकड़ों गरीब परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। यह कदम बिना समुचित एवं व्यावहारिक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित किए उठाया गया, जिससे प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है।
सामाजिक कार्यकर्ता नितेंद्र सिंह बोहरा “निशांत” ने इस विषय पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
उन्होंने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक स्थान पर अब तक लगभग 140 से 150 विक्रेता स्थानांतरित नहीं हो पाए हैं। ये सभी वर्तमान में बेरोजगार हैं और अपने परिवारों का भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं। कई परिवारों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जो अत्यंत चिंताजनक है।
वर्तमान समय में मसूरी में पर्यटन सीजन अपने चरम पर है, जो इन छोटे व्यापारियों के लिए पूरे वर्ष की आय का मुख्य आधार होता है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में व्यापार से वंचित रहना उनके लिए आर्थिक रूप से विनाशकारी साबित हो रहा है।
नितेंद्र सिंह बोहरा ने इसे केवल पुनर्वास का नहीं, बल्कि गरीब एवं कमजोर वर्ग के नागरिकों के जीविका के अधिकार और मानवीय गरिमा से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।
मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
◉ प्रभावित 140 से 150 विक्रेताओं को वर्तमान पर्यटन सीजन के दौरान अस्थायी रूप से व्यापार करने की अनुमति दी जाए।
◉ भविष्य के लिए एक सुनियोजित, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त स्थायी वेंडर जोन विकसित कर सभी विक्रेताओं का पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।
◉ किसी भी प्रकार के विस्थापन से पूर्व विधिसम्मत प्रक्रिया और मानवीय दृष्टिकोण का पालन किया जाए।
मुख्यमंत्री महोदय को प्रेषित पत्र में यह भी बताया गया है कि प्रभावित विक्रेताओं के राशन कार्ड एवं आधार कार्ड की प्रतियां संलग्न कर उनकी वास्तविक स्थिति से अवगत कराया गया है।
नितेंद्र सिंह बोहरा “निशांत” ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार इस संवेदनशील एवं जनहित से जुड़े विषय पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करेगी

