कुसुम कान्ता फाउण्डेशन का छठवां स्थापना दिवस: 40 से अधिक मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति,उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित
उत्तराखंड समाचार 365/धनवीर कुंमाई
**विदुषी ‘निशंक’ की पहल को मुख्यमंत्री धामी का मिला प्रोत्साहन, बोले- छात्रवृत्ति छात्रों के सपनों को देगी नई ऊर्जा**

देहरादून,सामाजिक समरसता और शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में कुसुम कान्ता फाउण्डेशन का छठवां स्थापना दिवस समारोह सोमवार को मुख्यमंत्री सेवा सदन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कुसुम कान्ता फाउण्डेशन एवं मंथन वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘छात्रवृत्ति वितरण एवं ज्ञान गंगा सम्मान समारोह’ में शिक्षा, प्रतिभा और समाजसेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। मुख्यमंत्री ने फाउण्डेशन द्वारा चयनित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के 40 से अधिक प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों एवं एनएसएस समन्वयकों को ज्ञान गंगा सम्मान से सम्मानित किया।

फाउण्डेशन की संस्थापक विदुषी ‘निशंक’ ने स्वागत संबोधन में संस्था की छह वर्षों की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “प्रतिभा को पहचानना, उसे अवसर देना और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना ही फाउण्डेशन का मूल उद्देश्य है। हम चाहते हैं कि आर्थिक अभाव किसी भी मेधावी छात्र की राह में बाधा न बने।”

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने फाउण्डेशन और मंथन वेलफेयर सोसाइटी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए अवसर, सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलना अत्यंत आवश्यक है। छात्रवृत्ति को विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा देने वाली पहल बताते हुए उन्होंने फाउण्डेशन को निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।

विशिष्ट अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान नहीं, बल्कि संस्कार, संवेदना और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा का उपयोग समाज एवं राष्ट्रहित में करने का आह्वान किया।

कैबिनेट मंत्री श्री खजानदास ने अपनी दिवंगत माता श्रीमती कुसुम कान्ता जी के शिक्षा, साहित्य और समाज के प्रति समर्पित जीवन को स्मरण करते हुए कहा कि सामाजिक संस्थाओं की भूमिका यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है कि कोई भी प्रतिभा संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए।

समारोह का कुशल संचालन भाजयुमो के प्रदेश मंत्री एवं भारत सरकार के स्थायी अधिवक्ता आर्यन देव उनियाल एवं मोनिका शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर फाउण्डेशन की गतिविधियों पर आधारित दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति और कविता प्रस्तुति भी हुई, जिसमें कविता प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को भी सम्मानित किया गया।

समारोह में ये रहे मौजूद:
समारोह में विधायक श्रीमती सविता कपूर, पद्मश्री आर.के. जैन, पद्मश्री कल्याण सिंह मेहता, राज्यमंत्री कर्नल अजय कोठियाल, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, शोभाराम प्रजापति, मधु भट्ट, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा, डॉ. सविता मोहन, कुसुम कण्डवाल, प्रो. प्रदीप भारद्वाज, डॉ. राकेश सुन्द्रियाल, सचिदानंद भारती एवं योगगुरु लक्ष्मीनारायण जोशी सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, चिकित्सक, अधिवक्ता, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

