विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन नगरी मसूरी में छाया रहा सन्नाटा, कोई बड़ा आयोजन नहीं

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**विभागीय उदासीनता और खराब मौसम बना कारण, होटल एसोसिएशन ने भी नहीं किया कार्यक्रम**

उत्तराखंड समाचार 365/धनवीर कुंमाई

मसूरी। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर जहां पूरे देश-प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, वहीं पर्यटन नगरी मसूरी में इस बार सन्नाटा पसरा रहा। 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के दिन मसूरी में कहीं भी कोई बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम, संगोष्ठी या स्वागत समारोह देखने को नहीं मिला।

पर्यटन नगरी होने के बावजूद इस महत्वपूर्ण दिवस पर पर्यटन विभाग के अधिकारियों की उदासीनता भी स्पष्ट रूप से देखी गई। वहीं पर्यटन के नाम पर अपनी दुकानदारी चलाने वाले और पर्यटन की दुहाई देने वाले कई संगठन और लोग भी इस दिन से अनभिज्ञ दिखाई दिए।

स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने इस पर नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि मसूरी जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल पर विश्व पर्यटन दिवस को बड़े उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए था, जिससे पर्यटकों में एक अच्छा संदेश जाता।

इस संबंध में होटल एसोसिएशन मसूरी के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि मसूरी होटल एसोसिएशन प्रत्येक वर्ष विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटकों का भव्य स्वागत करती है और सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित विभिन्न आयोजन करती है। परंतु इस वर्ष 27 सितंबर को मौसम बेहद खराब रहा और भारी बारिश के चलते कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि होटल एसोसिएशन के लिए हर दिन ही पर्यटन दिवस है और वे सदैव पर्यटकों के स्वागत के लिए तत्पर रहते हैं।

वहीं इस मामले में जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान ने बताया कि खराब मौसम के बावजूद पर्यटन विभाग ने विश्व पर्यटन दिवस को मनाया है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता पखवाड़े के तहत विभाग द्वारा झड़ीपानी ट्रैकिंग रूट पर ट्रैकिंग का आयोजन कराया गया। साथ ही विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर विभागीय अधिकारियों ने जॉर्ज एवरेस्ट के प्रबंधकों के साथ मिलकर जॉर्ज एवरेस्ट जाने वाले मार्ग पर विशेष स्वच्छता अभियान (क्लीन ड्राइव) चलाया। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग पर्यटन से जुड़े सभी कार्यकलापों में बढ़-चढ़कर भाग लेता है।

दूसरी ओर जड़ीपानी वार्ड की सभासद गौरी थपलियाल ने कहा कि उन्हें 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की गतिविधि या कार्यक्रम आयोजित किए जाने की कोई सूचना नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में पर्यटन विभाग या कोई अन्य विभाग इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करता भी है,तो क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से सूचित किया जाना चाहिए, ताकि ऐसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में स्थानीय सभासद की भागीदारी सुनिश्चित हो सके और कार्यक्रम सफल हो सके।

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