मसूरी में एमआईएस का वार्षिक खेल दिवस धूमधाम से सम्पन्न, छात्राओं ने बिखेरी प्रतिभा
उत्तराखंड समाचार 365/धनवीर कुंमाई
मसूरी। मसूरी इंटरनेशनल स्कूल का वार्षिक खेल दिवस बड़े उत्साह और खेल भावना के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर छात्राओं ने अपनी प्रतिभा की चमक बिखेरते हुए स्वस्थ रहने का संदेश दिया।
विद्यालय के वार्षिक खेल समारोह का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विद्यालय प्रार्थना के साथ हुआ, जिसमें भारतीय संस्कृति और आधुनिक खेल भावना का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विद्यालय की प्रधानाचार्या शालू बब्बर रहीं। उप प्रधानाचार्य जितेन्द्र दास ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि ने ध्वजारोहण कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया तथा खेल मशाल खेल कप्तान को सौंप कर प्रतियोगिताओं की औपचारिक घोषणा की। इसके बाद खेल कप्तान ने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना, अनुशासन और निष्पक्षता की शपथ दिलाई।

समारोह का पहला आकर्षण छात्राओं का शानदार मार्च-पास्ट रहा। अनुशासित कदमताल, आत्मविश्वास और एकरूपता से सजी प्रस्तुति ने अभिभावकों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
खेल प्रतियोगिताओं के अंतर्गत विभिन्न आयु वर्गों में 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ आयोजित की गई। सभी स्पर्धाओं में छात्राओं ने अद्भुत उत्साह और उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय दिया। सदनवार प्रतियोगिता में गायत्री सदन ने प्रथम, लक्ष्मी सदन ने द्वितीय और संतोषी सदन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। व्यक्तिगत स्पर्धा में जूनियर वर्ग में तनवी मक्कर और सीनियर वर्ग में तन्वी कात्यायन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
समारोह में जुम्बा, बाधा दौड़, कराटे और मार्शल आर्ट की रोमांचक प्रस्तुतियों ने नई ऊर्जा भर दी। योग प्रदर्शन समारोह का विशेष आकर्षण रहा, जिसने छात्राओं के शारीरिक संतुलन, मानसिक एकाग्रता और अनुशासन का प्रभावशाली परिचय दिया।

समापन समारोह में प्रधानाचार्या शालू बब्बर ने कहा कि इक्कीसवीं शताब्दी बालिकाओं की उपलब्धियों और सामर्थ्य की शताब्दी है। आज बालिकाएं प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। एमआईएस की छात्राओं का आत्मविश्वास, योग्यता और अनुशासन देश के उज्ज्वल भविष्य का प्रमाण है। विद्यालय भारतीय परंपराओं के गौरवशाली मूल्यों को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ जोड़कर छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने इसके लिए शिक्षकों और प्रबंधन समिति के योगदान की सराहना की।
यह खेल दिवस केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने छात्राओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को भी सुदृढ़ किया। इस अवसर पर अभिभावक, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्राएं मौजूद रहीं।

