आपदा में तलाशे अवसर हुए धराशाई
उत्तराखंड समाचार 365 / धनवीर कुंमाई मसूरी, 28 जुलाई।
पिछले साल सितंबर माह में आई आपदा के बाद कुछ लोगों ने आपदा को अवसर में बदलने का काम किया गया था। अपने क्षतिग्रस्त और आपदाग्रस्त निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर न सिर्फ ठीक किया गया, बल्कि कई जगहों पर आपदा की आड़ में अवैध विस्तार भी कर लिया गया। अब बरसात में वही निर्माण दोबारा धराशाई हो रहे हैं।

बरसात के दौरान अवसरवादी तत्वों द्वारा पेड़ों की जड़ों को खोदकर खोखला कर दिया जाता है, जिसके चलते बरसात में आपदा के नाम पर कई पेड़ जमींदोज हो जाते हैं और फिर उसी जगह पर निर्माण का रास्ता खुल जाता है।

ऐसा ही एक ताजा मामला मसूरी-देहरादून मोटर मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास देखने को मिला है। यहां पिछले साल सितंबर में आई आपदा में एक दुकान क्षतिग्रस्त हो गई थी। आरोप है कि आपदा के बाद उक्त दुकानदार द्वारा अपने निर्माण का अवैध रूप से विस्तार कर लिया गया था, जो इस बार की बारिश में फिर से आपदा की भेंट चढ़ गया।

वहीं पानी वाले बैंड से ठीक पहले सड़क किनारे से लगातार धंसाव हो रहा है। सड़क के किनारे बना पुश्ता कमजोर पड़ गया है। इसके चलते आसपास बने नवनिर्मित मैगी प्वाइंट भी खतरे की जद में आ गए हैं। बताते चलें कि कुछ समय पहले ही इसी स्थान पर लगाया गया एक बड़ा पुश्ता भरभराकर ढह गया था, जिसके बाद भी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।


