मसूरी टैक्सी-कार एसोसिएशन ने इथेनॉल कार्यक्रम के खिलाफ अभियान से किया इनकार
उत्तराखंड समाचार 365/धनवीर कुंमाई
E20 को किसानों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत के लिए बताया अहम
मसूरी, 28 जुलाई 2026
मसूरी टैक्सी-कार एसोसिएशन, लाइब्रेरी, मसूरी (Regd No. D 9850) ने आज सोशल मीडिया पर फैले उन दावों को स्पष्ट रूप से खारिज किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि टैक्सी एसोसिएशन भारत के इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20) कार्यक्रम को वापस लेने के लिए अभियान चला रहे हैं।
एसोसिएशन ने अपने पत्र में कहा है कि उनकी ओर से ऐसी कोई मांग नहीं की गई है। एसोसिएशन ने इस दावे को प्रसारित करने वाले प्लेटफॉर्मों और उपयोगकर्ताओं से आग्रह किया है कि इसे वापस लें।

एसोसिएशन ने अपने बयान में कहा –
“टैक्सी एसोसिएशनों ने इथेनॉल रोलबैक की कोई मांग नहीं की है — यह दावा झूठा है और जहां भी यह फैला है, वहां इसे सुधारा जाना चाहिए। हमारे बेड़े शहरों में सीएनजी और लंबी दूरी के मार्गों पर डीजल पर चलते हैं; इथेनॉल ब्लेंडिंग एक अलग राष्ट्रीय कार्यक्रम है जिसका हम समर्थन करते हैं, खासतौर पर इसने किसानों की आय के लिए जो कुछ किया है।”
पत्र में आगे कहा गया है कि सरकार और ऑटो उद्योग के आंकड़े पुष्टि करते हैं कि E20 ईंधन से कोई व्यापक इंजन क्षति नहीं हुई है। भारत के इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम ने महत्वपूर्ण आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ दिए हैं।
एसोसिएशन ने इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता — आत्मनिर्भर भारत — की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधारशिला माना है, जो आयात पर निर्भरता कम करते हुए किसानों के हाथों में सीधे धन पहुंचाती है।

