टौंस नदी पुल के संपर्क मार्ग की मरम्मत में मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल, कांग्रेस ने उठाई स्वतंत्र जांच की मांग

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उत्तराखंड समाचार 365/धनवीर कुंमाई

देहरादून, 29 जुलाई
हिमाचल मार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पुल के क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग की मरम्मत में तकनीकी मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष आर्येंद्र शर्मा ने इस पर गंभीर चिंता जताते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की है।

आर्येंद्र शर्मा ने आज पत्रकारवार्ता में कहा कि बाढ़ और नदी के कटाव से क्षतिग्रस्त हुए संपर्क मार्ग की मरम्मत केवल मिट्टी भरकर नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि NHAI, MORTH और IRC के निर्धारित मानकों के अनुसार टेक्निकल इंस्पेक्शन, एम्बैंकमेंट रिकंस्ट्रक्शन, लेयर-वाइज कंपैक्शन, स्लोप प्रोटेक्शन, समुचित ड्रेनेज सिस्टम और क्वालिटी टेस्ट के बाद ही सड़क को यातायात के लिए खोला जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित एजेंसी द्वारा इन सभी मानकों और Standard Operating Procedure (SOP) की अनदेखी कर जल्दबाजी में केवल मिट्टी भरने का कार्य किया गया है, जिससे भविष्य में सड़क धंसने, पुनः कटाव और गंभीर सड़क हादसों का खतरा बना हुआ है।

देहरादून और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए आर्येंद्र शर्मा ने कहा कि तकनीकी मानकों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।

इस दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुल के निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि 16 करोड़ की लागत से बना पुल अगर 16 दिन में क्षतिग्रस्त हो जाता है तो यह भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है और जनता के पैसे का दुरुपयोग है।

आर्येंद्र शर्मा कि सरकार से मांग –

इस पूरे प्रकरण की Independent Technical Expert Committee से जांच कराई जाए।
Joint Inspection की Technical Report को सार्वजनिक किया जाए।
जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई कर जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

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